देव योग हस्तरेखा शास्त्र में एक अत्यंत शुभ और प्रभावशाली योग माना जाता है। यह योग तब बनता है जब हथेली में स्थित सात ग्रहों के पर्वतों में से अधिकांश संतुलित, स्पष्ट और उभरे हुए हों, तथा उनसे संबंधित रेखाएं भी साफ-सुथरी और बिना टूट-फूट के दिखाई दें।
हमारे हाथों में उभरे पर्वतों का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव, सफलता, असफलता और बाधाओं का इन पर्वतों से विशेष संबंध माना जाता है। ये पर्वत हमारे संपूर्ण व्यक्तित्व के बारे में पहले से संकेत देते हैं।
जीवन रेखा
मस्तिष्क रेखा
हृदय रेखा
भाग्य रेखा
सूर्य रेखा
विवाह रेखा
धन रेखा
यात्रा रेखा
मंगल रेखा
शनि रेखा
बुध रेखा
शुक्र रेखा
हाथ की बनावट
शंख
त्रिकोण
वर्ग
मछली
क्रॉस (X)
स्वास्तिक
मुकुट
कच्छप
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