हस्तरेखा शास्त्र में पुत्रत धनाप्ति योग को परिवार, संतान सुख और धन लाभ से जुड़ा शुभ योग माना गया है। यह योग तब बनता है जब गुरु पर्वत से कोई पतली रेखा निकलकर शुक्र पर्वत तक जाती हो तथा तर्जनी और मध्यमा उंगली के बीच तिल का चिन्ह दिखाई देता हो।
यह योग तब बनता है जब मंगल पर्वत पर दो या दो से अधिक तिल या बिंदु के निशान होते हैं। यह संकेत व्यक्ति की साहसिकता, आत्मविश्वास और संघर्ष में जीत हासिल करने की क्षमता को दर्शाता है।
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