क्या है बुध का स्थान?
बौद्ध धर्म में 'बुध का स्थान' का मतलब एक शांत और ज्ञानी जगह से होता है, लेकिन हस्तरेखा शास्त्र में भी हथेली पर 'बुध का स्थान' बताया गया है, जो हमारी जिंदगी पर गहरा असर डालता है। आइए, जानते हैं यह स्थान क्या है और इसका हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है।
क्या है बुध का स्थान?
हथेली में छोटी उंगली के नीचे का हिस्सा 'बुध का स्थान' कहलाता है। यह हथेली का बहुत ही खास और महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।
अच्छी और बुरी रेखाओं का मतलब
हस्तरेखा शास्त्र के मुताबिक, अगर कोई रेखा इस स्थान से शुरू होकर ऊपर की ओर बुध के पर्वत की ओर जाती है, तो इसे बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसे लोगों को जीवन में सफलता और ज्ञान मिलता है। यह एक उत्तम संकेत है।
लेकिन, अगर कोई रेखा इस स्थान से नीचे शुक्र पर्वत (अंगूठे के नीचे का हिस्सा) की ओर जाती है, तो इसे बहुत बुरा माना जाता है। ऐसी रेखा रिश्तों में दरार और परेशानी ला सकती है, जिससे आपके संबंध खराब हो सकते हैं।
अगली बार जब आप अपनी हथेली देखें, तो 'बुध के स्थान' पर बनी रेखाओं को ध्यान से देखें। यह आपको आपके जीवन के बारे में कुछ खास बातें बता सकती हैं।
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