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उंगलियों के बीच की दूरी खोलती है भाग्य के राज

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उंगलियों के बीच की दूरी खोलती है भाग्य के राज

हाथों की उंगलियों में हमारे पूरे जीवन का सार छिपा होता है। हमारा व्यक्तित्व भी काफी हद तक उंगलियों के माध्यम से जाना जा सकता है। ज्योतिष शास्त्र में इसे विशेष महत्व दिया गया है। इसके आधार पर हम जीवन में आने वाली बाधाओं और सफलताओं का अनुमान लगा सकते हैं। हाथ की उंगलियों के बीच की दूरी व्यक्ति के स्वभाव, सोच और निर्णय लेने की क्षमता के बारे में बहुत कुछ बताती है। उंगलियों के बीच का खाली स्थान यह दर्शाता है कि व्यक्ति कितना स्वतंत्र, भावुक या व्यावहारिक है।

अंगूठा और तर्जनी के बीच दूरी

यदि अंगूठे और तर्जनी (पहली उंगली) के बीच अधिक दूरी होती है, तो ऐसा व्यक्ति खुले विचारों वाला, उदार और स्वतंत्र स्वभाव का होता है। ऐसे लोग अपनी मर्जी से जीवन जीना पसंद करते हैं और किसी के दबाव में नहीं रहते।

तर्जनी और मध्यमा उंगली के बीच दूरी

इस स्थान पर अधिक दूरी होना दर्शाता है कि व्यक्ति स्वतंत्र सोच वाला और आत्मनिर्भर होता है। वह अपने फैसले खुद लेना पसंद करता है और समाज की परंपराओं से अलग सोच सकता है। ऐसे लोग जोखिम लेने से भी नहीं डरते।

मध्यमा और अनामिका उंगली के बीच दूरी

यदि इन दोनों उंगलियों के बीच दूरी अधिक हो, तो यह लापरवाही और कभी-कभी अस्थिरता का संकेत माना जाता है। ऐसे व्यक्ति काम में ध्यान कम लगा पाते हैं और निर्णय लेने में असमंजस की स्थिति में रहते हैं।

अनामिका और कनिष्ठा उंगली के बीच दूरी

यदि इस स्थान पर अधिक दूरी हो, तो यह व्यक्ति के साहसी और कभी-कभी कठोर स्वभाव को दर्शाता है। ऐसे लोग अपने फायदे के लिए कड़े निर्णय लेने से पीछे नहीं हटते।

सभी उंगलियां पास-पास होना

यदि हाथ की सभी उंगलियां एक-दूसरे से सटी हुई हों, तो व्यक्ति अनुशासित, पारंपरिक और सुरक्षित जीवन जीने वाला होता है। ऐसे लोग जोखिम कम लेते हैं और हर काम सोच-समझकर करते हैं।

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