केतु पर्वत से आयु रेखा के बारे में जाने।
आयु रेखा के बारें में जानने के लिए पर्वतों को भी जानना बहुत जरूरी है। अगर आपकी आयु रेखा केतू पर्वत (हथेली की शुरूआत का मध्य स्थान) पर जाती है तो इसकी आयु गणना सरल हो जाती है। यह बिल्कुल सीधी रेखा होती है तो इसकी आयु गणना सरल हो जाता है। अगर यह मंगल से शुरू होकर यह सीधी केतू पर जायें तो इंसान की आयु 80 वर्ष आंकना चाहिए। पहले इसे 120 वर्ष कहाँ जाता था उसके बाद इसे 100 वर्ष कहां जाने लगा। मैंने अपने अनुभव से पाया है कि अगर जीवन रेखा मंगल से शुरू होकर बिना किसी रूकावट के केतू पर पहुँच जाती है तो ऐसा इंसान 80 वर्ष शान से व्यतीत करता है। जीवन रेखा जिस पर्वत पर जाये उस रेखा का प्रभाव भी जीवन रेखा पर पड़ता है। केतू अध्यात्मिकता के ग्रह जिनकी जिनकी जीवन रेखा केतू ग्रह पर जाती है ऐसे लोग आध्यत्मिक होते है, भगवान पर भरोसा करने वाले होते हैं। केतू एक ऐसा ग्रह है कि जिनकी ज्ञान इन्द्रियां नहीं है क्योंकि वह केवल धड़ है, गर्दन के ऊपर का हिस्सा राहू है। केतू के पास दिमाग भी नही है इसलिए वो छल-कपट से दूर हैं। जिनकी जीवन रेखा केतू पर जाती है ऐसे लोग छल-कपट से दूर होते है। केतू के बारे में अध्ययन करने से पता लगता है कि ये एक ऐसे ग्रह है। जिनके साथ होते है उसे बली बना देते हैं। अगर अच्छे ग्रह के साथ है तो उसका प्रभाव बढ़ जाता है, अगर बुरे ग्रह के साथ है तो उसकी बुराई में वृद्धि हो जाती है। केतू की जीवन रेखा देखने से पहले इन विषयों का अध्ययन करना भी आवश्यक है। जैंसे- केतू जीवन रेखा शुक्र की तरह झुकाव लिये हुये है तो ऐसा इंसान विलासता की तरफ बढता है, ऐश्वर्य से जीने वाला होता है और अगर चन्द्रमा की तरफ झुकाव लिए हुये है तो ऐसे लोग मन के बली होते है। मां के प्रिय होते है। जब भी किसी इंसान की हथेली में केतू जीवन रेखा को देंखे तो इन विषयों का गम्भीरता से अध्ययन जरूर करें।