हाथ में मंगल पर्वत पर बनने वाले चिन्ह देते हैं शुभ या अशुभ संकेत
ज्योतिष शास्त्र में के अनुसार इंसान के हाथों में रेखा के साथ कुछ चिन्ह भी भाग्य बनाने में बहुत ही अमम भूमिका निभाते हैं। जिसमे मंगल पर्वत विशेष महत्व होता है। अगर बात करें तों मंगल पर्वत हाथ में हाथ में दो स्थानों पर होता है एक निम्न मंगल पर्वत और एक उच्च मंगल पर्वत। निम्न मंगल पर्वत बृहस्पति पर्वत के नीचे पाया जाता है और उच्च मंगल पर्वत बुध पर्वत के नीचे पाया जाता है यह माइंड लाइन के शुरू और अंत में होता है। इसके अलावा बृहस्पति के नीचे अधिक उन्नत मंगल व्यक्ति के साहस क्रोध ,धैर्य ,निष्ठा ,खेती ,पेट के विकार से संबंधित है बृहस्पति के नीचे का मंगल राज्यसेवा में सेना पुलिस आदि का कारक है इनकी अंगुलियां मोटी होती है यह लोग स्पष्ट वक्ता शीघ्र उत्तेजित होने वाले मुंह पर बात बोलने वाले साहसी गलत बात को सहन नहीं करने वाले होते हैं। यदि हृदय रेखा का अंत बृहस्पति पर्वत पर हो तो यह महान साहसी सत्यवादी आन पर मिटने वाले बहुत सी भाषाओं का ज्ञान रखने वाले होते हैं यदि हाथ गुलाबी रंग का हो तो संपत्ति पर झगड़ा पाया जाता है। मंगल यदि अधिक उठा हो तो विवाह देर से या संबंध होकर टूटता है मंगल पर्वत के साथ बुध पर्वत पर विवाह रेखा की बनावट व बुध पर्वत पर हृदय रेखा से दूरी देखना आवश्यक है तभी सही निष्कर्ष संभव है मंगल का विशेष फल 28 व 48 वर्ष की आयु में देखने को मिलता है। उत्तम मंगल पर्वत होने पर यदि मस्तिष्क रेखा सुंदर हो तो व्यक्ति चालाक हो जाता है विशेष भाग्य रेखा हो तो वायु सेना से संबंध होता है हाथ यदि उत्तम है तो उच्च पद प्रतिष्ठा मिलती है यदि हाथ मिश्रित सामान्य हो तो उतना अच्छा फल नहीं होता सेना से संबंध सवभाविक है मस्तिष्क रेखा में दोष हो तो व्यक्ति बहुत चिड़चिड़ा क्रोधी वह झगड़ालू किंतु साहसी व स्वाभिमानी जबान का पक्का होता है इनका मकान व कार्य ऊंचाई पर होता है। मंगल पर क्रॉस होने पर मस्तिष्क रेखा में शनि के नीचे दोष होने पर बवासीर व समृति कमजोर होती है मंगल पर्वत पर काला या लाल दाग होने पर जहर से मृत्यु होने का भय होता है मंगल पर्वत पर तारा होने पर अधिक क्रोध तथा मस्तिष्क रेखा में दोष होने पर क्रोध की अत्यधिक प्रवृत्ति होती है। मंगल पर्वत पर यदि अधिक रेखाएं है तो वायु विकार धातु विकार चिड़चिड़ापन वह सिर दर्द तथा चंद्र पर्वत भी उन्नत हो तो ऐसा निश्चित है कि व्यक्ति को नजला स्वाश संबंधी रोग होता है।
मंगल पर्वत पर चतुर्भुज और त्रिभुज देते हैं ये संकेत
यदि मंगल पर्वत पर चतुष्कोण बना हो तो व्यक्ति कई बार जेल जाते-जाते बचते हैं तथा त्रिकोण होने से उच्च कोटि के गणितज्ञ होते हैं तथा इन्हें सेना में या शोध कार्य में सम्मान मिलता है। अब हम बात करेंगे बुध पर्वत के नीचे पाए जाने वाले मंगल पर्वत की यह पर्वत व्यक्ति में शिल्प दक्षता आदि कार्यों से संबंध रखता है डॉक्टर होने पर यह सर्जरी में दक्ष होते हैं वह वकील होने पर फौजदारी से संबंधित मुकदमा से इन्हें लाभ होता है। इस मंगल पर्वत पर कोई दोषपूर्ण चिन्ह जैसे तिल तारा या चतुष्कोण आदि हो तो इनकी संपत्ति सरकार ले लेती है आंख में चोट लगती है और मुकदमें आदि लड़ने पड़ते हैं मंगल पर्वत उन्नत होने पर यदि चतुष्कोण हो तो सरकार द्वारा संपत्ति ग्रहण के मुआवजा से व्यक्ति धनी होता है।